आज हम कंप्यूटर को जिस तरह इस्तेमाल करते हैं, उसकी कल्पना कुछ दशक पहले करना आसान नहीं था। उस समय कंप्यूटर में आज की तरह सुंदर Graphical Interface, Icons और Mouse से काम करने की सुविधा नहीं थी। कंप्यूटर को चलाने के लिए कई काम Commands लिखकर करने पड़ते थे।
इसी पुराने कंप्यूटिंग दौर में DOS का बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा। अगर आपने कभी पुराने कंप्यूटर के बारे में पढ़ा है या Command Prompt का इस्तेमाल किया है, तो आपने DOS का नाम जरूर सुना होगा।
लेकिन आखिर DOS क्या होता है? MS-DOS का Full Form क्या है? इसे किसने बनाया था? DOS में कितने प्रकार के Commands होते हैं और DOS तथा Windows में क्या अंतर है?
इस लेख में इन्हीं सवालों को आसान भाषा में समझने की कोशिश करेंगे।
DOS क्या है?
- DOS का पूरा नाम Disk Operating System है। यह एक Command-Line आधारित Operating System है, जिसमें कंप्यूटर को निर्देश देने के लिए Text Commands का इस्तेमाल किया जाता है।
- DOS के सबसे प्रसिद्ध संस्करणों में MS-DOS (Microsoft Disk Operating System) शामिल है। इसके अलावा IBM का PC DOS भी इसी परिवार की तकनीकों से जुड़ा हुआ था।
- DOS में काम करने के लिए उपयोगकर्ता को Command टाइप करनी पड़ती थी। उदाहरण के लिए किसी Folder की फाइलें देखने के लिए DIR जैसी Command इस्तेमाल की जाती थी।
- आज Windows और दूसरे आधुनिक Operating Systems में अधिकतर काम Mouse और Graphical Interface की मदद से हो जाता है, लेकिन DOS के समय Commands की जानकारी होना बहुत जरूरी था।
DOS किस तरह का Operating System था?
DOS मुख्य रूप से Command-Line Interface (CLI) पर आधारित Operating System था। पुराने सामान्य कंप्यूटर उपयोग में इसे Single-User और Single-Tasking वातावरण के रूप में जाना जाता है।
DOS में Windows की तरह Desktop, Icons, Windows और Menus वाला Graphical User Interface नहीं था।
कंप्यूटर को कोई काम करवाने के लिए आपको Keyboard से Command लिखनी पड़ती थी।
उदाहरण के लिए:
DIR इस Command का इस्तेमाल किसी Directory में मौजूद Files और Folders की सूची देखने के लिए किया जाता था।
इसी तरह:
CD का इस्तेमाल Directory बदलने के लिए किया जाता था।
यही कारण है कि पुराने समय में कंप्यूटर सीखने वाले लोगों को DOS Commands अच्छी तरह याद रखनी पड़ती थीं।
क्या DOS और CMD एक ही चीज हैं?
यह एक आम भ्रम है कि DOS और CMD बिल्कुल एक ही चीज हैं, जबकि ऐसा कहना पूरी तरह सही नहीं है।
Windows में मौजूद Command Prompt (cmd.exe) एक Command-Line Interface है, जो उपयोगकर्ता को Text Commands के माध्यम से कई कार्य करने देता है। इसकी Commands और व्यवहार में DOS से काफी समानताएं हैं, लेकिन आधुनिक Windows का Command Prompt स्वयं MS-DOS Operating System नहीं है।
इसलिए DOS, Command Prompt और Windows Command Prompt को एक ही चीज मानना तकनीकी रूप से सही नहीं होगा।
MS-DOS का विकास कैसे हुआ?
- MS-DOS का इतिहास 1980 के दशक की शुरुआत से जुड़ा है। IBM जब अपने Personal Computer के लिए Operating System की तलाश कर रहा था, तब Microsoft ने एक Command-Line Operating System उपलब्ध कराया।
- MS-DOS की शुरुआती तकनीक 86-DOS से जुड़ी थी, जिसे Microsoft ने Seattle Computer Products से प्राप्त किया और बाद में IBM PC के लिए विकसित किया।
- 1981 में IBM PC के साथ IBM PC DOS उपलब्ध कराया गया, जबकि Microsoft ने इसके अपने संस्करण को MS-DOS के नाम से वितरित किया।
- इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि Bill Gates और Paul Allen ने DOS को अकेले शुरू से बनाया था। MS-DOS के विकास में Microsoft की भूमिका महत्वपूर्ण थी, लेकिन इसकी शुरुआती तकनीकी नींव 86-DOS से जुड़ी हुई थी।
क्या आज भी DOS का इस्तेमाल होता है?
पुराने समय की तरह आज MS-DOS का सामान्य Desktop Operating System के रूप में इस्तेमाल नहीं होता। आधुनिक Windows कंप्यूटरों में Command-Line Tools जरूर उपलब्ध हैं, लेकिन उन्हें MS-DOS Operating System समझना सही नहीं है।
आज भी Command-Line का महत्व कम नहीं हुआ है। System Administration, Programming, Networking और Automation जैसे क्षेत्रों में Command-Line Tools का काफी उपयोग होता है।
इसलिए DOS का इतिहास समझना आज भी उपयोगी है, खासकर उन लोगों के लिए जो Operating Systems और कंप्यूटर के विकास को समझना चाहते हैं।
DOS की खासियत क्या थी?
DOS का सबसे बड़ा फायदा इसकी सादगी और कम Hardware Requirements थीं।
उस समय के कंप्यूटरों में आज जितनी Processing Power और Memory नहीं होती थी। DOS का वातावरण अपेक्षाकृत हल्का था और कम संसाधनों वाले कंप्यूटरों पर भी काम कर सकता था।
इसके अलावा Commands के माध्यम से सिस्टम को नियंत्रित करने से अनुभवी उपयोगकर्ताओं को कई काम तेजी से करने की सुविधा मिलती थी।
हालांकि नए उपयोगकर्ताओं के लिए DOS थोड़ा कठिन हो सकता था, क्योंकि उन्हें Commands और उनके Syntax याद रखने पड़ते थे।
निष्कर्ष
DOS कंप्यूटर के इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। Disk Operating System के रूप में इसने शुरुआती Personal Computers में Files, Directories, Disks और Programs को नियंत्रित करने का तरीका उपलब्ध कराया।
MS-DOS ने IBM PC के शुरुआती दौर में Personal Computing के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में Windows के Graphical Interface के लोकप्रिय होने के साथ सामान्य उपयोगकर्ताओं के लिए Command-Based वातावरण की जरूरत कम होती गई।
फिर भी DOS Commands की मूल अवधारणाएं आज की Command-Line दुनिया को समझने में मदद करती हैं। अगर आप कंप्यूटर के इतिहास, Operating Systems या Command-Line Tools में रुचि रखते हैं, तो DOS के बारे में जानना आपके लिए काफी उपयोगी हो सकता है।
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